रेंट एग्रीमेंट और ई-स्टांप: साइन करने से पहले क्या जानें
रेंट एग्रीमेंट में क्या होना चाहिए, स्टांप शुल्क क्यों मायने रखता है, और बनवाने व प्रिंट कराने के लिए क्या लाएँ।

लिखित रेंट एग्रीमेंट मकान मालिक और किराएदार दोनों की रक्षा करता है। बैंक, गैस कनेक्शन और कई कार्यालय इसे पते के प्रमाण के रूप में भी माँगते हैं। स्टांप शुल्क और पंजीकरण के नियम किराये की राशि और अवधि पर निर्भर करते हैं, इसलिए साइन करने से पहले पुष्टि करें कि आपके एग्रीमेंट पर क्या लागू होता है।
हम स्पष्ट मसौदा तैयार करने और उसे प्रिंट करने में मदद करते हैं, पर हम कानूनी फ़र्म नहीं हैं। ज़्यादा कीमत वाले या लंबी अवधि के पट्टे के लिए वकील की सलाह लें।
इसमें क्या होना चाहिए
मकान मालिक और किराएदार के नाम व पते, संपत्ति का पता, किराये और जमानत राशि, अवधि, नोटिस अवधि, रखरखाव और उपयोगिता बिल कौन भरेगा, और एग्रीमेंट समाप्त करने की शर्तें।
क्या लाएँ
दोनों पक्षों के पहचान और पते के प्रमाण, पासपोर्ट आकार की फ़ोटो, संपत्ति का विवरण और तय शर्तें। दोनों पक्षों को और कभी-कभी गवाहों को भी हस्ताक्षर करने होते हैं।
शुरू करने से पहले
- किराया, जमानत और अवधि लिखित में तय करें
- दोनों पक्षों के पहचान पत्र और फ़ोटो लाएँ
- अपने मामले के लिए स्टांप शुल्क की पुष्टि करें
- साइन करने से पहले हर खंड पढ़ें
- हर पक्ष हस्ताक्षरित प्रति रखे
आवश्यकताएँ बदल सकती हैं। पात्रता, शुल्क, प्रक्रिया और अंतिम नतीजे संबंधित सरकारी विभाग, बीमा कंपनी, संस्थान या सेवा प्रदाता तय करते हैं। NISE COMPORT एक स्वतंत्र CSC / प्रज्ञा केंद्र सेवा केंद्र है, सरकारी कार्यालय नहीं।