झारखंड में भूमि म्यूटेशन (दाखिल-खारिज): ऑनलाइन आवेदन चेकलिस्ट
ज़मीन खरीदने या विरासत में पाने के बाद म्यूटेशन सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करता है। क्या तैयार करें और Jharbhoomi पर फ़ॉलो-अप कैसे करें।

म्यूटेशन, जिसे दाखिल-खारिज भी कहते हैं, बिक्री, दान, विरासत या बँटवारे के बाद भू-राजस्व रिकॉर्ड में नया मालिक दर्ज करता है। झारखंड में आवेदन Jharbhoomi पोर्टल से ऑनलाइन किए जा सकते हैं और अंचल कार्यालय उनका सत्यापन करता है।
सिर्फ़ पंजीकृत दस्तावेज़ से राजस्व रिकॉर्ड अपडेट नहीं होता। म्यूटेशन के बिना ज़मीन का लगान भरना, कुछ प्रमाण पत्र बनवाना या बाद में ज़मीन बेचना मुश्किल हो सकता है।
आवेदन से पहले ये तैयार रखें
पंजीकृत दस्तावेज़ या हस्तांतरण का अन्य कागज़, भूखंड का विवरण (मौजा, खाता और प्लॉट नंबर), आवेदक का पहचान प्रमाण और कोई पुरानी लगान रसीद। विरासत के मामले में कार्यालय की माँग के अनुसार वैध उत्तराधिकारियों को दर्शाने वाले दस्तावेज़ रखें।
शुरू करने से पहले
- पंजीकृत दस्तावेज़ और भूखंड का विवरण तैयार रखें
- Jharbhoomi पर ऑनलाइन आवेदन करें और केस नंबर नोट करें
- अंचल कार्यालय का कोई नोटिस आए तो जवाब दें
- म्यूटेशन स्वीकृत होने पर अपडेट हुआ रिकॉर्ड जाँचें
आधिकारिक स्रोत
अपना नाम और नंबर छोड़ें। हम दस्तावेज़ जाँचकर सही फ़ॉर्म भरेंगे और आपको अपडेट देंगे। सेवा शुल्क काम शुरू होने से पहले बताया जाएगा।
आवश्यकताएँ बदल सकती हैं। पात्रता, शुल्क, प्रक्रिया और अंतिम नतीजे संबंधित सरकारी विभाग, बीमा कंपनी, संस्थान या सेवा प्रदाता तय करते हैं। NISE COMPORT एक स्वतंत्र CSC / प्रज्ञा केंद्र सेवा केंद्र है, सरकारी कार्यालय नहीं।